एक गुजरनेवाला Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps March 13, 2019 हर दूसरे दिन की तरा अपने लाठीके चलते वो इस रस्ताको नापलेता हे हिलते पेरोमें आगे बढ़ता हे कापति उंगलियासे भारी वजन उठाता हे सफ़ेद बालोको लहराते हुए वो शख्स मेरे आखोके सामनेसे रोज गुजरता हे Read more